चाणक्य नीति

चाणक्य नीति के अनुसार मुसीबत के समय शिक्षा ही गुप्त धन माना गया है, जानिए क्यों

चाणक्य की नीति पर बहुत से लोग चलते है। चाणक्य नीति को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण नीति मानी गई है। चाणक्य नीति के अनुसार इंसान पर कभी भी कही भी कोई भी मुसीबत आ सकती है और वह मुश्किल में पड़ सकता है। चाणक्य नीति के अनुसार जब हम किसी भी मुसीबत में होते है तो हमारी शिक्षा ही हमारी काम आती है। मुसीबत के समय शिक्षा ही हमारा असली धन होता है। तो आइए जानते है : 

चाणक्य के अनुसार धरती पर जिसने जन्म लिया है उसके जीवन में बुरा वक्त जरूर आता है. बुरा वक्त इंसान की परीक्षा लेने के लिए आता है. जो इस परीक्षा में उत्तीर्ण यानि पास हो जाता है वह जीवन को सफलता पूर्वक जीता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करता है. चाणक्य के अनुसार जब व्यक्ति का बुरा वक्त आए तो धैर्य और संयम से काम लेना चाहिए और इस बात को हमेशा में ध्यान में रखना चाहिए-
कामधेनुगुणा विद्या ह्ययकाले फलदायिनी।
प्रवासे मातृसदृशा विद्या गुप्तं धनं स्मृतम्॥

इस श्लोक के माध्यम से चाणक्य ये बताना चाहते हैं कि विद्या यानि शिक्षा ठीक उसी प्रकार से गुणों वाली है जैसे कामधेनु गाय. विद्या ही एक मात्र ऐसी चीज है जो बुरे समय भी फल प्रदान करती है और निराशा को दूर करती है. विद्या प्रवास काल में मां के समान है और यही गुप्त धन है.

चाणक्य के अनुसार विद्या ही ऐसा गुप्त धन है जिसको प्राप्त करने के बाद बुरे से बुरे समय को भी हंसते हुए काटा जा सकता है. इसलिए शिक्षा के महत्व को जानना और समझना बहुत ही जरूरी है. क्योंकि शिक्षा के महत्व को जिसने समय लिया उसके जीवन से अंधेरा कोसों दूर चला जाता है. शिक्षित और ज्ञानवान व्यक्ति का सम्मान सात समंदर पार भी होता है. ऐसे लोग किसी सीमा बंधकर नहीं रहते हैं इन्हें हर कोई अपनाने के लिए सदैव तत्पर रहता है.

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