actor had spoiled , Lalita Pawar's

एक्टर के एक थप्पड़ ने खराब कर दी थी Lalita Pawar की आंख, डेढ़ दिन तक नहीं आया होश

सन् 1913 में आई फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ को भला कौन भूल सकता है, यह भारत की पहली मूक फिल्म थी। इसी फिल्म से ललिता पवार ने महज 9 साल की उम्र में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। ललिता पवार अपने जमाने की कामयाब एक्ट्रेसस में से एक थीं, जिनका नाम जहन में आते ही फिल्मों की खलनियाका का किरदार समाने आता है। ललिता पवार को किसी भी फिल्म में रोल करते देख आमतौर पर ऑडियंस की नजर उनकी आंख पर भी होता था। क्या आपको पता है ललिता पवार की यह आंख कैसे खराब हुई थी? चलिए आज हम बताते हैं। ललिता पवार की यह आंख शुरू से ऐसे नहीं थी, उनकी आंख काफी खूबसूरत थी। बल्कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ एक हादसा हुआ जिसकी वजह से उनकी एक आंख खराब हो गई थी। यह बात उस वक्त की है जब 1942 में ललिता की उम्र महज 26 साल की थी। इसी साल ललिता जंग-ए-आज़ादी नाम की एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। एक सीन में एक्टर भगवान दादा को ललिता पवार के गाल पर थप्पड़ मारना होता है।

भगवान दादा अपनी एक्टिंग और किरदार को बखूबी तरीके से निभाने वाले एक्टर थे। वो हर सीन में बिल्कुल घुसकर एक्टिंग करते थे। जब उन्हें यह सीन करने के लिए कहा गया तो उन्हें आम शूट की तरह ही इस सीन को रियल दिखाने के लिए ललिता पवार के गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। भगवान दादा ने ललिता को थप्पड़ इतनी तेज मारा था कि उनकी आंख की नसों को भी नुकसान हो गया था। ललिता पवार को थप्पड़ की वजह से फेशियल पैरालिसिस तक हो गया था। ललिता पवार को इस एक थप्पड़ की वजह से तीन साल तक सिनेमा से दूर रहना पड़ा था। पूरी तरह से रिकवर होने के बाद ललिता पवार ने दोबारा फिल्मों में वापसी की। लेकिन इस बार ये वापसी एक नायिका की नहीं बल्कि बतौर खलनायिका थी। भगवान दादा के एक थप्पड़ ने भले ही ललिता पवार के आंखों की खूबसूरती छीन ली थी। लेकिन इसके बाद जब ललिता ने वापसी की तो इसी आंख की बदौलत ललिता पवार को फिल्मों में रोल मिलने लगे थे। और आखिर में उनका फिल्मी करियर काफी शानदार रहा था।

Live TV

-->

Loading ...