ओवर स्पीड वाहन

ओवर स्पीड वाहन चलाते धरे 61 चालक

जिला पुलिस ने यातायात नियमों की अवहेलना, अवैध खनन, सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने व मास्क न पहनने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस ऊना द्वारा यातायात के नियमों की अवहेलना करने पर 289 चालान किए हैं, जिनमें से 255 चालानों का मौका पर ही निपटारा करके 77 सात हजार 200 रुपए जुर्माना प्राप्त किया है। पुलिस ने अवैध खनन करने पर तीन वाहनों को कब्जे में लेकर 34 हजार 700 रूपए जुर्माना प्राप्त किया है। पुलिस ने गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने पर 61 और बिना हैल्मेट के वाहन चलाने पर 51 चालान किए हैं। पुलिस ने बिना सेफ्टी बैल्ट के वाहन चलाने पर 51, बिना लाईसैंस के वाहन चलाने पर 16, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 13, यातायात के संकेतों की अवहेलना करने पर 1 और बिना बीमा के वाहन चलाने पर 5 चालान किए हैं। वहीं पुलिस ने अनाधिकृत स्थान पर वाहन पार्क करने पर 11, दोपहिया वाहन पर ट्रिप्पल राईडिंग करने पर 4 व मोटर वाहन अधिनियम की अन्य धाराओं के अर्न्तगत 76 चालान किए हैं। 

पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर फेस मास्क न पहनने पर 13 लोगों के खिलाफ शिकंजा कसा है। पुलिस ने फेस मास्क न पहनने पर 2900 रुपए जुर्माना वसूला है। इसके अतिरिक्त अतिरिक्त सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर 12 व्यक्तियों के खिलाफ धूम्रपान निषेध अधिनियम के अर्न्तगत कार्रवाई करके 1000 रुपए जुर्माना वसूला है। एसपी अर्जित सेन ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की कड़ाई से अनुपालना करवाई जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में चूका प्रशासन ऊना (तेजपाल) : श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में वीरवार को आयोजित हो रहे धार्मिक समारोह को लेकर हर साल पुलिस की ओर से बेहतर प्लानिंग होती रही है, लेकिन इस बार ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन से बड़ी चूक हुई है। न तो रूट्स को डायवर्ट किया गया और न हैवी व्हीकल्स को कुछ देर के लिए शहर से बाहर रोककर रखने के प्लान पर काम हुआ। यही वजह रही कि करीब दो से अढ़ाई घंटे तक ऊना शहर पूरी तरह से जाम रहा। 

ऊना अस्पताल से निकली एक एंबुलैंस के लिए रास्ता बनाने में पुलिस कर्मचारियों के पसीने छूट गए। हालांकि करीब 10 से 15 मिनट की जद्दोजहद के बाद एंबुलैंस जाम से निकाल दी गई, लेकिन यदि ऊना अस्पताल से निकलने वाली एंबुलैंस आदि के लिए पहले से प्लानिंग की गई होती तो इसे शहर की गलियों से आसानी से और जल्दी निकाला जा सकता था। इसके अलावा हमीरपुर की ओर से आने और जाने वाले वाहनों के लिए भी यदि वैकल्पिक मार्ग तय कर दिए गए होते तो न तो इतना लंबा जाम लगता और न दूर दराज से आने या जाने वालों को कोई परेशानी झेलनी पड़ती। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन को हर साल होने वाले इस धार्मिक आयोजन में जुटने वाली भीड़ के बारे में पहले से ही पता है तो फिर ऐसी प्लानिंग करने में चूक कहां हुई? इस बारे अधिकारियों को सोचना होगा और भविष्य में ऐसे आयोजनों से पहले ट्रैफिक प्लान को बेहतर तरीके से अंजाम देना होगा। 

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