Neeraj Chopra created history

Tokyo में 23 साल के Neeraj Chopra ने भाला फेंक में रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला गोल्ड मेडल

तोक्योः भारत के स्टार नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रोअर के फाइनल मुकाबले में इतिहास रच दिया है। इसी के साथ नीरज ने भारत को पहला गोल्ड दिलाया है। पानीपत के रहने वाले 23 साल के नीरज ने जर्मनी के जूलियन वेबर और जोहानेस वेटर जैसे दिग्गजों को पछाड़ कर यह मुकाम हासिल किया है। 

आज खेले गए फाइनल मुकाबले में शामिल सभी 12 एथलीटों में नीरज शुरू पहले स्थान पर काबिज रहे। गौरतलब है कि इस मुकाबले में प्रत्येक खिलाड़ी को 6 मौके दिए जाते है। जबकि इस मुकाबले में नीरज ने पहला थ्रो 87.03 मीटर का था, जबकि दूसरा 87.58 मीटर दूर भाला फेंका है। हालांकि तीसरा 76.79 दूरी पर फेंक पाए। वहीं उनके चौथे और पांचवें राउंड की बात करें तो नीरज चौथे और पांचवें प्रयास में फाउल कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह टॉप पर बने रहे। उन्होंने छठे प्रयास में 84.24 मीटर भाला फेंका, लेकिन इससे पहले उनका गोल्ड मेडल पक्का हो गया था। 

यह ओलंपिक एथलेटिक्स में भारत का पहला पदक है। इससे उन्होंने भारत का एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने का पिछले 100 साल से भी अधिक का इंतजार समाप्त कर दिया। नीरज ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद तिरंगा लेकर मैदान का चक्कर लगाया और इसका जश्न मनाया। बता दें कि नीरज 2018 में एशियन एथलेटिक्स में भी गोल्ड मेडल जीत चुके है। गौरतलब है कि ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को 13 साल बाद दूसरा गोल्ड मिला। बीजिंग ओलंपिक 2008 में पहली बार स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा दिग्गज शूटर अभिनव बिंद्रा ने किया था।


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