Asia Europe Summit concludes

13वां एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन संपन्न

13वां एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन 26 नवम्बर को संपन्न हुआ। सम्मेलन में अध्यक्षीय वक्तव्य जारी हुआ और अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चुनौती का सामना करने लिए बहुपक्षवाद को आगे बढ़ाने, विश्व आर्थिक पुनरुद्धार और सतत समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की अपील की।

वक्तव्य में कहा गया कि सम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने एशिया-यूरोप साझेदारी संबंधों की महत्ता को दोहराया और जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के केंद्र वाले अंतर्राष्ट्रीय तंत्र की रक्षा करने, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने की जरूरत है।

वक्तव्य में यह भी कहा गया कि सतत आपसी संपर्क क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण विकास का महत्वपूर्ण आधार है, साथ ही विश्व द्वारा संयुक्त विकास करने की अहम ढांचा भी है। साथ ही हमें वैश्विक मौसम परिवर्तन की चुनौती का निपटारा करना चाहिए, खुलेपन को मजबूत कर नियम पर आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिए, पर्यटन उद्योग और आर्थिक अनवरत विकास को आगे बढ़ाना चाहिए।

कंबोडिया के प्रधानमंत्री होंगसन ने समापन समारोह में कहा कि एशिया-यूरोप साझेदारी संबंध और सहयोग सतत विकास और बहुपक्षवाद का प्रसार करने के लिए अहम योगदान प्रदान कर सकेगा। गौरतलब है कि 1996 के मार्च में पहला एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन बैंकाक में आयोजित हुआ। एशिया-यूरोप सम्मेलन की औपचारिक स्थापना हुई। 13वां एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन 2020 के नवम्बर में कंबोडिया में आयोजित होना था, कोविड-19 महामारी की वजह से स्थगित किया गया है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Live TV

-->

Loading ...